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abhi thoda tarsne do.....

गरजते हे बादल‌‌ तो गरजने दो
बरसती हे बारिश तो बरसने दो
यू तो कोई नही मेरा तडपने‌ को
लेकिन जिसके नसीब में मैं हूँ
उसे अभी थोडा ओर तरसने दो
©rohittiwar