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आज मेरी आँखों ने

आज मेरी आँखों ने मुझपे सितम ढाया है
आज बहता है मेरे आँखो से पानी
इस दिन तुझे देखते ही इनमें चमक आई थी
आज तू न दिखी तो ये मुरझाई हुई हैं
आज मेरी आँखों ने मुझपे सितम ढाया हैं
आज बहता है मेरे आँखो से पानी
तूने सपनो में मेरे आकर के इनको बहुत सताया है
तेरी इन मखमली जुल्फों ने मेरे दिल मे घर बनाया हैं
आज मेरी आँखों ने मुझपे सितम ढाया हैं
आज बहता है मेरे आँखो से पानी
तेरी झील सी आँखो में जो मैंने देखा अपना चेहरा
तेरे चेहरे ने मुझे पागल बनाया हैं
आज मेरी आँखों ने मुझपे सितम ढाया हैं
आह बहता है मेरे आँखो से पानी
तु जो हस कर मुझसे बात करती हैं
जाते समय जो मुस्कुराया हैं
आज मेरी आँखो ने मुझपे सितम ढाया है
आज बहता है मेरे आँखो से पानी
©charan