आज फिर फना हम हो गए हैं
अपनों के बीच में भी तन्हा हम हो गए हैं।
कहने को तो है बहुत हमसफ़र हमदर्द मेरे
मगर जिंदगी से सब जुदा हो गए हैं।
जो कभी साया थे रहगुजर रफीक थे मेरे
हम यहां वो ही है,वो ख़ुदा हो गए हैं।
मैं इस हालात में हूं कि कैसे बताऊं
मशविरा दिल का है आप बेवफा हो गए हैं।
अनुराग तो अपने वादों से आज तक नहीं मुकरा
बताए फ़िर किस बात से आप खफा हो गए हैं।
©anuragrahi
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