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aaj ptaa chlaa jindgi khtm kyu ho rhi......

हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की,
आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.
हम तो नादान हैं क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्बत !!
बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे !!
©rohittiwar