S

आखिरी सलाम।

उमड़ पड़ी है भीड़ अब कुचे से आखिरी सलाम की
खत जो मिला है परवर दिगार से मेरे ही नाम की।
दुआ है सलामत रहे वतन और मेरे चाहने वाले
हर कोशिश की जिनने मुकम्मल अनुराग के इस मुकाम की।
©anuragrahi