आना बंद है खत शायद कोई बात होगी
दिल में उठ रही उन्हें कई सवालात होगी।
कहाँ हैं आप कैसे है आप इस बेचैन दिल
बेकरार दिल को कब मुलाकात होगी।
परिंदे सहर-ओ-शाम के लिए सफर में है
लौटेंगे वो घर जब जमीं पे रात होगी।
आज बादल तो नहीं फिर ये गर्जन कैसा
सदाएं दिल की है आंखों से बरसात होगी।
वो शख्स इसलिए ऊंचाईयों को नहीं पा सका
उसके दिल में अनेकों खयालात होगी।
©anuragrahi
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