आंखें मूंद ली जानिब जब तेरा ख्याल आया
दिल धड़कने का सबब आज है याद आया।
जिसने बसा ली हों दुनिया इस नाजुक दिल में
दिल जख्मी हो जाएगा गर उसे उजाड़ आया।
दिन गुजर रहा था ऐ दोस्त बड़ी मुश्किल से
फिर तेरी ये मुझको वादा-ए-शब याद आया।
मुझे तेरी वस्ल से रूखसत अभी क्यों मिली
जिंदगी में तो थी अभी अभी बहार आया।
हमें मालूम है हम तेरी गुनहगार है हमेशा रहेंगे
तुम्हें जो विरान दश्त में है तन्हा छोड़ आया।
बैठ कर साया-ए-गुल-ए-गुलशन में अनुराग
हम बहुत रोते हैं जब जब उनका याद आया।
©anuragrahi
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