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आंशु

तेरी आँख से निकला हर एक आंशु
मेरी भी आँख से नीकलेगा
तुम दिल को दिल से तो मिल जाने दो
मेरी जान जो में ना कह सका वक्त पर
मेरे दिल के दर्द की गवाही तेरा दिल
भी खुद बे खुद दे देगा
और जीन लोगो ने दिये थे मेरी आंखों में आंशु
वही आंशु अब उनकी आंखों से छलकेगा
उनकी आँखों से छलकने वाला हर आंशु
मेरे आंशुऔ की बे गुनाही का सबूत
भी खुद बे खुद दे देगा
यु तो छिपाने की कोशिस तो करेंगे सभी
फिर भी आँख से आंशु तों निकलेगा
अगर तेरी आँख में आया एक भी आंशु
तो मेरी आँख से भी जरूर निकलेगा
Deepak Sharma
©deepakshar