खुद में समा जाने का प्रयास में करता हूं
राहों से अपनी मैं बातें करता हूं
बहते सागर को मैं आंखों में भरता हूं
हर क्षण की सुंदरता में मस्ती से बहता हूं
गहरे भाव को मैं निगाहे बरतता हूं
सांसो में प्रवाहित प्राणों को समझता हूं
मन के परिंदे की उड़ान को तकता हूं
संगीत की तरंगों का मै मनन करता हूं
जीवन की जटिलता को पल- पल समझता हूं
साहस को भीतर में सजाए रखता हूं
ईश्वर को अनुभूत करने मैं निकलता हूं
मिथ्या काया से थोड़ी दूरी रखता हूं
प्रकृति की साये को बाहों में भरता हूं
निश्चल जीवन की पाने की चाह में रखता हूं
हर क्षण में थोड़ा प्रयास करता हूं
जीवन के पहलुओं को तार करता हूं
©myemotions
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