दिखाने को तो हैं इस देश में अवसर सबको सामान।
सच कहे तो लोकतंत्र है ऊँची दूकान फीका पकवान।।
पकवान खा रही अयोग्यता, योग्यता खा रही घास।
कर रहा आरक्षण देश में अधिकारों एक सत्यानाश।
सत्यानाश ही क्या अंतिम संस्कार भी करेगा आरक्षण।
यदि बंद ना हुआ तो कर जायेगा मानवता का भक्षण।।
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©vikasgarg
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