बचपन में थी शरारती,
आज अपना घर है संवारती,
भारत की ये भारती,
नाम है आरती ।।
बच्चो को प्यार से फटकारती,
गलत कामों पे मारती,
संस्कारो को संवारती ,
नाम है आरती ।।
©sgupta
S