रफ्ता रफ्ता चल पड़े है,
पर झूठी सियासत पर चलना ,
आसान नहीं।।।।।।।
सर्दी में प्रकृति का मर्ग
ओर चाह ख़ुल्द की करना ,
आसान नही।।।।।
मुराद उसकी करना
कशिश थी जिससे,
ओर कशिश से इकरार करना
आसान नही।।।।।
वो मरहूम यादे,
उस ख्वाइश से महरूम रहना
आसान नही।।।।।।
आमादा हूं,
बस अकीदा कर,
ये फतेह करने की सोच
आसान नही।।।।।।
साफ है अर्श,
बस इज्तिराब मे जीना
आसान नही।।।।।।
😇✨😇
ये उर्दू समझ पाना आसान नही ।।। 🤭🤭
©manisha23
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