S shubh en July 23, 2025 आशा अंधेरो में अकेला चांद जगमगात हैमुश्किलो में इन्शान घबराता हैइन अन्धेरो से मत घबरा मेरे दोस्तहर रात के बाद एक सवेरा जरुर आता हैशुभ शर्माजय श्री कृष्णा ©shubh