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आशिक़

मिले मुझे ..
ऐसा आशिक़!
जहां उसके अल्फाजों का समुंदर हो!
खींच ले जाए मुझे जो अपनी मोहक दुनिया में
जहां गीत ग़ज़ल की रागिनी हो
खो जाऊं जहां उसके मधुर संगीत में।
©anusingh