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आशियाना

कहते है जब भी आप मायूस होते हैं
कोई ना कोई आपको दिल से याद कर रहा होता है
पर इस मायुसी का क्या
जो हर पल साथ ऐसे रहती है
जैसे ना जाने इसे हमसे कितनी ही चाहत हो
संग बस उसकी ही यादों का जमघट हो
बस तो फिर और क्या ही हो
आँखों से अश्रुओं की झरझराहट हो
दिल में उसके आने की ख्वाइश हो
एक उम्मीद ये भी हो
कि काश वो आए और कहे
चल बहुत हुआ अब माफ़ कर
मेरी हर गलती को जड़ से साफ कर
चल ना फिरसे अपनी दुनिया बनाते हैं
कुछ सपनो की सौगातों को फिर से अपनाते हैं
रह गई जो गलतियां
उनको फिरसे ना कभी दोहराते हैं
आजा अपना एक प्यारा सा आशियाना बनाते हैं!!!!
©shaaya