ईश्वर के इशारे में ,
समय को व्यतीत कर
जीवन के किनारे से ,
भीतर को ना विचलित कर
धैर्य के नजारे से ,
स्वयं को विदित कर
प्रयासों के ठिकानों में ,
अनुभूतियां निहित कर
वक्त के पैमाने में ,
खुद को ना सीमित कर
शुद्धता के अहाते में ,
स्वयं को प्रतीत कर
निश्चल उजियारे में ,
खुद को मिश्रित कर
ईश्वर के सहारे में ,
तू खुद को फलित कर
तू खुद को फलित कर.....
©myemotions
M