अब दिल नहीं किसी से दिल लगाने को
फिर से वहीं कहानी दोहराने को;
पहले किसी को हसना सिखाएगें
फिर उसी कि खातिर हसना भूल जाएंगे..
पहले किसी को दिल में बासाएगे
फिर उसी को दिल से भुलायेंगे..
पहले किसी को अपना बनाएंगे
फिर उसी से धोका खाएंगे..
छोड़ो अब ये सब जाने दो
अब दिल नहीं किसी से दिल लगाने को
फिर से वहीं कहानी दोहराने को;
जैसी बाते तुझसे होती थी हमारी
वैसी किसी ओर से होती तो नहीं..
जैसे दिल तुझसे जुड़ा था हमारा
वैसा किसी ओर से जुड़ा तो नहीं..
जैसे ख़वाब तेरे साथ देखे थे हमने
वैसे किसी ओर के साथ देखे तो नहीं..
लेकिन इसके सिवा भी बहुत कुछ है जिंदगी
में कर जाने को ..
अब दिल नहीं किसी से दिल लगाने को
फिर से वहीं कहानी दोहराने को;
कोशिश करें फिर किसी को हसाने की..
किसी रूठे हुए को मनाने की..
जो अपना नहीं उसे अपना बनाने की..
चलो छोड़ो अब ये सब जाने दो...
अब दिल नहीं किसी से दिल लगाने को
फिर से वहीं कहानी दोहराने को;
फिर से सारे राज खोले
क्यू ह महोबत.. फिर से बोले..
कितनी ह मोहबत फिर से तौले ...
अब चाहत नहीं अब ये सब
बाते बताने की ..
अब दिल नहीं किसी से दिल लगाने को
फिर से वहीं कहानी दोहराने को;
©8930786200
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