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अब गर कोई मेरे जिंदगी मे आएंगी।

अब गर कोई मेरे जिंदगी मे आएंगी
भरसक मेरे तरफ से हर खुशी वो पाएंगी।
है मलाल कि ये हक़ मैं उन्हें नहीं दे सका
मेरे लिए तो वो शक्ल बदल कर ही आएगी।
कोई ताज्जुब नहीं कि रातों को नींद नहीं आती
बस भरोसा है कि आकर फिर मुझे सुलाएगी।
मेरे अजियतों से डर कर पहले की तरह
अब न किसी के सामने कभी वो थरथराएगी।
खुदा गवाह है मैं पश्चाताप के आग में जल रहा हूं
हमनसी तेरी रूह ही कोई शक्ल में आग बुझाएगी।
अनुराग ने मोती को कंकड़ समझ कर फेंक दिया
अब जिंदगी सिप के सहारे ही गुजारी जाएगी।
©anuragrahi