A Arpita Rai en July 23, 2025 अब रिहा करो अब रिहा करो हमें तुम्हारी यादों सेबुला क्यों नहीं लेते इन्हें वापस किसी बहाने सेकब तक चलतीं रहेंगी साथ मेरेरोकती रहेंगी किसी और से दिल लगाने सेतुम तो ना वफ़ा, ना जफ़ा चाहते हो हमारीहम कब तक भागते फिरेंगे, जमाने से©Arpita Rai