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अब थाम लो तुम

आस सब छूट रही
सांसे जब टूट रही
कौन लगाए ध्यान अब
बिसार दिए प्रभु को जब
हे! दीन कृपालु नाथ नंदन
अब ना रोको बहत प्रभंजन
सर्वव्यापी सर्वेश्वर तुम ही हो
अब थाम लो तुम इस धरणी को।

©anusingh