A anusingh en July 23, 2025 अब थाम लो तुम आस सब छूट रही सांसे जब टूट रही कौन लगाए ध्यान अब बिसार दिए प्रभु को जब हे! दीन कृपालु नाथ नंदन अब ना रोको बहत प्रभंजन सर्वव्यापी सर्वेश्वर तुम ही हो अब थाम लो तुम इस धरणी को। ©anusingh