S

अब वो बाग मुझे अच्छे नहीं लगते।

अब वो बाग मुझे अच्छे नहीं लगते।

कुछ हद हमने भी पार की थी

कुछ हद तुमने भी पार की थी

घाटा शायद इसी से हो गया

हमने तो मुनाफे की रोज़गार की थी

तुम बिन बताए क्यूं शमशान चलें गए

हमने कर्बले पर तेरा घंटों इंतज़ार की थी

अब वो बाग मुझे अच्छे नहीं लगते

जहां तुम से प्यार का मैंने इज़हार की थी

अनुराग अब इस दिल को कैसे सुकून दिलाएं

जिसने छोड़ दिया फक़त हमने उसी से प्यार की थी।