A

Abb nahi hoti taqleef

नहीं अब नहीं होती तकलीफ तुम्हारे जाने से
मिल भी क्या जाएगा तुम्हारे लौट आने से
थोड़ा सा सुकून थोड़ा चैन मिल जाएगा
जाने दो छोडो़, हटाओ
मैं तो बेचैन ही जी रही, एक जमाने से

Arpita Suman Rai
©Arpita Rai