कितनी बातें अब भी अधूरी है,
अभी तो हमें साथ चलना है।
अभी तो हमारा घर सजाना है,
अभी तो हमने किए हुए वादे भी अधुरे है।
रिश्ता तोड़कर मत जाओ,
मेरे आंसु को कब तक छुपाकर रखु,
तुम्हारे दिए दर्द आज भी चुभते हैं।
नफ़रत नहीं कर सकती तुम्हें,
प्यार जो किया था ।
तुमसे दूर हो कर भी,
तुझ में ही खोई हु।
उम्मीद की आस में,
शायद सपना है मेरा।
पर जब आंख खुली तो,
अंधेरा ही अंधेरा था।
आइने में देखा तो,
तुटा हुआं दिल नजर आया।
©urvi13
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