लोग कह सकते हैं कि तुम एक अच्छी बहु नहीं बन पायीं।
एक अच्छी बहु के कुछ पैमाने हैं।
मैं अच्छा पका नहीं पाती।
मैं अच्छा सी नहीं पाती।
मैं अच्छा गा नहीं पाती।
मैं अच्छा दिख नहीं पाती।
मैं सबको खुश नहीं कर पाती।
लोग कह सकते हैं कि तुम एक अच्छी बहु नहीं बन पाई।
यूँ सबको खुश करते करते मैने अपनी माँ को झुकते देखा है।
यूँ सबको खिलाते पिलाते मैने माँ को सूखते देखा है।
वो सबको खुश करती रही पर आज वो खुशी वापिस नहीं मिली जिसकी वो हक़दार थी।
लोग कह सकते हैं कि तुम एक अच्छी बहु नहीं बन पायीं।
©shikhapari
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