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अधूरे।।।🥀🥀🥀

पढ़ना चाहती हूं - तेरी आँखें,
सुनना चाहती हूं- तेरी ग़ज़लें,
करना चाहती हूं- तेरी बातें,
बनना चाहती हूं- तेरी रातें,
देना चाहती हूं- हर खुशी,
लेना चाहती हूं- हर गम,
बहना चाहती हूं- तेरे संग,
रंगना चाहती हूं- तेरे रंग,
अब और क्या कहूं सनम,
बस इतना कहती हूं,
तेरे बिन अधूरे हैं हम,
तेरे बिन अधूरे हैं हम।।।।।।।
©deeprichu