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ऐ बारिश जरा खुलकर बरस ये क्या तमाशा है, इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती…

ऐ बारिश जरा खुलकर बरस ये क्या तमाशा है,
इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है !!
©your_rohit