S

ऐ जिन्दगी अभी से तूं इतना मायूस क्यूं है।

ऐ जिन्दगी अभी से तूं इतना मायूस क्यूं है
आगे तो और इस से ज्यादा अंधेरा है।
ये जो दिख रहा है अब तक उजाला राह में
मेरे कर्मो का अभी तक बचा सवेरा है।
आगे तुम चलों शमशीर व तबर चलाने वालों
लगता है यह दश्त अभी बहुत घनेरा है।
तुम्हें मालूम है मुश्किलात से निकल आना
मेरे राहों में तो अभी सैकड़ों फेरा है।
मेरा ये कारवां किसके साथ मिल कर चले
मालूम नहीं कि यहां कौन सबसे बड़ा लुटेरा है।
अनुराग कहता है मेरी जां अपने जी के सिवा
यहां अब कौन तेरा है कौन मेरा है।
©anuragrahi