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ऐ जिंदगी तू खेलती बहुत है खुशियों से, हम भी इरादे के पक्के हैं मुस्कुराना नहीं…

ऐ जिंदगी तू खेलती बहुत है खुशियों से,
हम भी इरादे के पक्के हैं मुस्कुराना नहीं छोडेंगे
©rohittiwar