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ऐसा देश है मेरा ,...

यह धारा है वीरो की ,
धीरो की गंभीरो की ।
अपार बल जैसे बलशाली है,
यह धरा सपूतों की ।
मधु , मधुबन में मधु जैसी वाणी है ,
यहां राह, राहगीरों की ।
चल रहे युद्धपोतों में लिया ,
अपने सीने पर गोला बारुदो की ,
यह धरा है वीरो की, धीरो की गंभीरो की ।
चल रही योजना ,भव्य भारत के निर्माणों की ,
अल्पसंख्यक के उत्थानो की ,
प्रगति शील बनाने की ।
यह धरा है वीरो की.........../।
Sandeep Gupta
©sgupta