तरसा देगा अंधेरे को चढाया दिन तेरा
यकीन मान दोबारा कभी
राते न होगी......
फिर से आने लगना ख्वाबो मे मेरे
तू ज़माने से डरता है
अब बातें न होगी....
मुद्दत के बाद फुर्सत से मिलेंगे मर के
ज़मी. पर अब मुलाकाते न होगी...
लिखा मेरा पसंद न आए तो बोल भी देना
सवाल वाह वाह का नहीं है
हैराते न होगी..........
©akkshat28
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