S

अक्सर तुम्हें पुकारता ये दिल तुम कौन हो।

अक्सर तुम्हें पुकारता ये दिल तुम कौन हो
जिंदगी में नहीं मगर जिंदगी से कम नहीं तुम कौन हो।
मिलो तो खुश न मिलो जिस दिन दिल हो जाए उदास
रहते हुए भी आस पास नहीं हो मेरे पास तुम कौन हो।
हर वक्त तेरी सुरमई आंखें मेरे आंखों के सामने आए
इशारों इशारों में तेरा पता दे जाए तुम कौन हो।
तेरी सादगी से सफेद,बेदाग तुझसा यौवन न देखा
लुभा ले कोई मुझे ऐसे,कभी जोगन न देखा तुम कौन हो।
देखते ही तुम्हें कोसो दुर क्यूँ भाग जाते है ग़म सारे
तुम ही दवा तुम ही दुआ आखिर मेरा तुम कौन हो।
मैं तन्हा सोने की आदत खुद में डाल लिया था रातों को
फिर क्यूँ चली आई हो चैन चुराने तुम कौन हो।
©anuragrahi