Y your_rohit en July 23, 2025 अल्फ़ाज़ अक़्सर... अधूरे ही रह जाते हैं मुहब्बत में.. हर शख़्श किसी न किसी… अल्फ़ाज़ अक़्सर... अधूरे ही रह जाते हैं मुहब्बत में.. हर शख़्श किसी न किसी की चाहतदिल में दबाये रखता है। 💔😢©rohittiwar