अंखिया से टप टप रोज लोर चुएला
हर रात सेजिया पे इ दिल मुएला।
कब ले राह देखी पलंग के तकियावा
निंद गइल खुली आंखें देखी देखी सपनवा
मनवा इ मिले खातिर गुहार करेला
अंखिया से टप टप रोज लोर चुएला
हर रात सेजिया पे इ दिल मुएला ।
का खाई का पी भुख के एहसास नैखे
लागत बा किसमतीया में होयके बिहान नैखे
का कही रउआ से कैसे जिनिगिया हमार कटेला
अंखिया से टप टप रोज लोर चुएला
हर रात सेजिया पे इ दिल मुएला ।
मोरे इ नयनवा रोज रहिया निहारे
आज अइहे डोली लेके सजना मोरे दुआरे
दिल में अरमान के नया नया फुल खिलेला
अंखिया से टप टप रोज लोर चुएला
हर रात सेजिया पे इ दिल मुएला ।
©anuragrahi
S