मदहोश रहता है अपनी धुन में,
मुसीबत कैसी भी हो ,कभी उसकी आंखे नहीं होती नम,
ये है अनुपम ।
शमा भी पिघल जाती है, देख कर उसकी शबनम,
ये है अनुपम ।
जिंदगी को जिंदा दिली के साथ जिया है ,
नहीं लेता कोई विस्की या रम ,
ये है अनुपम ।
Happy Birthday my dear friend Anupam :Ti
©sgupta
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