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अरमान

अरमानों की दुनियां मेरी
सजती रहती है
जब पूरे हो जाते अरमां
हंसती रहती है
हर अधूरे अरमानों को
सहेज के रखता हूं
इनसे हीं तो अरमां मेरे
बनते रहते हैं
©newera