मन है तन है, पर कोई अरमान नहीं है.
अब किसी से कोई फरमान नहीं है.
इच्छा थी छुने की आशमा को.
बस दिल में कोई तुफान नहीं है.
घर है, परिवार है और है सारा जहान.
पर अब पहले वाली मुस्कान नहीं है.
मतलबी और फरेब की दुनिया में.
जिंदगी का खेल इतना आसान नहीं है.
©amrendraku
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