B banirai en July 23, 2025 बादलों में.. ✍🌙 बादलों में छिप कर बैठें हो, क्या इरादा है, जो इतनामुस्कुरा रहे हो, खुशीयां भर कर लाये हो, यागम से नाता तोड़ कर आयेहो, चलो अच्छा है, होठों पर मुस्कान लाये हो.. ☺©banirai