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"बात अलग होती"🥀

यूँ तो "चलते" रहने का नाम ही "ज़िन्दगी" है,
मगर....
जो "तुम्हारे" साथ चल सकते तो बात "अलग" ही होती।
यूँ तो "दर्द" बांटने से "कम" हो जाते हैं,
मगर.....
जो "मैं" और "तुम" ,"हम" होते, तो बात अलग ही होती।
©deeprichu