"बात-बात पर रो देने वालों…
ज़रा एक बार उसके बारे में सोचो…
जो सर पर कफ़न बांध कर चलता है,
मौत की आँखों में रोज़ आँखें मिलाता है…
ना हारे… ना रुके…
सीने पर गोली खाता है… 🇮🇳
परिवार और समाज से दूर,
उसे बेइरादा ही बनवास मिल जाता है…
अकेलापन लेकर भी…
सबको सुरक्षा दे जाता है…
हमारे हिस्से का मिट्टी का कर्ज़ भी,
वो खुद ही चुका जाता है…
कभी राम… कभी कृष्ण… कभी परशुराम बनकर…
भारत माँ का योद्धा बेटा कहलाता है… ❤️🔥
🇮🇳 Jai Hind"
Ink&Emotions
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"बात-बात पर रो देने वालों… ज़रा एक बार उसके बारे में सोचो… जो सर पर कफ़न बांध…