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bahut aage aa gye h dono....

वो पढ़ते है मुझे रोज़ बस जताते नही,
याद हमें भी आते है हम भी बताते नही.
कितनी दूर निकल आये है ना दोनों,
दूर हैं मगर नज़दीकियों को झुठलाते भी नही...!!
©rohittiwar