उम्र के इस पड़ाव में
बच्चे सुनाते बहुत हैं
जब शरीर के साथ
दिमाग भी शिथिल होने लगे
भूलना आदत में शुमार हो जाए
तो बच्चे सुनाते बहुत हैं
तुम भी थक ही जाती हो
घर को संभालने में
बच्चों की परवरिस में
तिनका तिनका चुन कर
घर बनाती हो
पर छोटी सी गलती पर
बच्चे सुनाते बहुत हैं
भले ही हम उम्र भर
झगड़ते लड़ते रहे
नोक झोंक भी साथ रही
लेकिन किसी को
सुनाने का मौका नहीं दिया
तुम्हें ना सुनना पड़े
इसलिए मैं बच्चों की चुपचाप सुनता हूं
क्योंकि मुझे पता है, आजकल
बच्चे सुनाते बहुत हैं
©jhshrilal
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