जिंदगी की कशमकश में कहां खो गए हम,
ना जाने क्यु इतने बड़े हो गए हम।।
जाने कहां खो दिया हमने वो बचपन,
वो पेड़ों की छांव वो बारिश का मौसम।।
जाने कहां खो दिया वो दोस्तों का प्यार,
वो मां की ममता वो पापा का दुलारा।।
ना जाने कब अपनी मां के गधे से,
दुनिया के लिए इंस्पायरर हो गए हम।।
जिंदगी की कशमकश में कहां खो गए हम,
और ना जाने क्यों इतने बड़े हो गए हम।।
©adhote
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