बड़ी मुश्किल है तेरे हर ख़त का जवाब दे पाना भी।
आ तू भी कुछ इस अदाओं से सिख
मेरे हालात देख मेरे खताओं से सिख
न होगा कहीं भी जहन्नुम में भी ये सज़ा
पास आ कुछ तो मेरे सजाओं से सिख
विरानी में भी ये वादियां क्यूं उदास नहीं लगती
इन हसीं वादियों की फिजाओं से सिख
आ जुस्तजू करें कि गुफ्तगू का नतीजा निकले
इश्क़ करना अब लैला मजनू की कथाओं से सिख
बड़ी मुश्किल है तेरे हर ख़त का जवाब दे पाना भी
तू अनुराग पर कर रहे अपने जफ़ाओं से सिख।