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बदलाव

मैं हूं वही या बदल गया?
आंखों ने सजाया था जो बड़े प्यार से,
वो ख्वाब अब भी है या बिखर गया?
झकझोरती तो है मुझे मेरी रूह
कि जहन ए वफ़ा अब भी है या दफन हो गई?
वो शक्सियत जो बसा करता था मुझमें,
वो अब भी है या बदल गया??
जिसकी आवाज़ खींचा करती थी अपनी ओर,
वो खनक है या मिट गई?
जिसकी मुस्कुराहट का हवाला दिया करते थे,
वो खिलखिलाहट है या मुरझा गई?
ए हवा तू ही बता दे
वो खुशबू जो मेरी सांसों को महका जाया करती थी,
वो अब भी है या कही बेजार हो गई?
©anvisha