हर तरफ हैं मेहफिल सजी,
और फिर भी तू तन्हाँ हैं,
कर वक्त कि ईबादत,
यह वक्त कि शरारत हैं,
आज तू अकेला सही,
पर कल तेरे साथ हैं।।
ना हो बेकऱार इतना कि,
वक्त तान्हाईओं में ढँकेल दे,
रह जायेगा अकेला और,
वजूदभी साथ तेरा छोड दे,
धीरज हो दिल में गर,
कयामत से सुकून तक जायेगा,
हर तरफ होंगी खुशियाँ,
तू प्यार ही प्यार पाएगा।।
- निलेश इंगोले
©nilesh2016
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