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बेचारें मियां।

बड़ी खुद से मसरूफ रहतीं हैं बेगम मेरी,
किमती वक्त अपना जाया नहीं होने देतीं।
खुब खरी-खोटी फुर्सत से सुनाया करतीं हैं मुझे,
अपने दिल को भारी होने नहीं देतीं।
©anuragrahi