A anusingh en July 23, 2025 बेड़ियां ☘️ कर विहीन तू उस छटा को ,कर रही जो धुंधल तेरे मन को!लौ की किरण से कर प्रकाशित खुद को,समत्व भाव रख कदम बढ़ा तू खुद के!मुक्त कर खुद को ,निकाल अपनी बेड़ियों से। ☘️©anusingh