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बेड़ियां

☘️ कर विहीन तू उस छटा को ,
कर रही जो धुंधल तेरे मन को!
लौ की किरण से कर प्रकाशित खुद को,
समत्व भाव रख कदम बढ़ा तू खुद के!
मुक्त कर खुद को ,निकाल अपनी बेड़ियों से। ☘️
©anusingh