मुझे बुलाया गया,
इश्क का ओ पैंतरा भी सिखाया गया ।
कोई कसूर मेरा न था ,
फिर भी मुझे दफनाया गया ।
लगाकर कई गर्दिशे हम पर ,
हमें गुनहगार बताया गया ।
सियासत हो जाने पर,
ये राज सबसे छुपाया गया ।
....ये आँखें हैं जनाब सब सच बोलती है
..... फिर ये बताया गया ।
©sandeepgup
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