A abhayt en July 23, 2025 🌹 बेकरार 🌹 बेकरार सा कयु बरस रहा है,क्या ग़म से भरा है बादल का मन,लगे बेतहाशा तलब धरती छुने कि उसे,या शायद हो गई किसी से अनबन...🥀अभय ना. ताकसांडे 🥀©abhayt