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Berukhi

वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं;कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं;दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद;वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं। 💔
©Salmanraje